क्या आपको लगता है कि मांगलिक होना कोई बहुत डरावनी बात है? बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर कुंडली में मंगल भारी है, तो शादी कभी सफल नहीं होगी। यह एक बहुत बड़ा झूठ है। असल में, मंगल केवल ऊर्जा और साहस का ग्रह है। सही समय पर उपाय करने से सब ठीक हो जाता है।

मांगलिक दोष निवारण पूजा और इसके लाभ

मांगलिक दोष निवारण पूजा उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जिनकी कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें घर में मंगल बैठा होता है। इसे “मंगल दोष” भी कहते हैं। इसकी वजह से शादी में देरी या जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। सही विधि से पूजा करने पर मंगल का गुस्सा शांत हो जाता है।

उज्जैन शहर इस पूजा के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। मंगल ग्रह का जन्मस्थान उज्जैन में ही माना जाता है। वहां जाकर पूजा करने से बहुत जल्दी असर दिखता है। बहुत से लोग अपनी शादी से पहले वहां जाकर मंगल देव का आशीर्वाद लेते हैं। इससे आने वाला जीवन सुखमय और शांत बीतता है।

मंगल दोष के मुख्य लक्षण

मांगलिक दोष निवारण पूजा करने का सही समय

मंगलवार का दिन इस काम के लिए सबसे उत्तम होता है। अगर उस दिन “अंगारक चतुर्थी” या कोई बड़ा त्यौहार हो, तो फल और भी बढ़ जाता है। उज्जैन जैसे पवित्र स्थान पर पंडित जी से “मुहूर्त” पूछकर ही काम शुरू करना चाहिए। सही समय पर की गई मांगलिक दोष निवारण पूजा जीवन बदल देती है।

बहुत से लोग सोचते हैं कि क्या यह पूजा घर पर हो सकती है? घर पर छोटे उपाय ठीक हैं, लेकिन पूरी विधि के लिए मंदिर जाना बेहतर है। उज्जैन की मिट्टी में मंगल का वास है, इसलिए वहां की पूजा को “अचूक” माना जाता है। वहां की शिप्रा नदी में स्नान करने से मन की घबराहट दूर हो जाती है।

मांगलिक दोष निवारण पूजा की सरल विधि

सबसे पहले जातक को लाल कपड़े पहनने चाहिए। लाल रंग मंगल देव को बहुत पसंद है। पूजा में लाल फूल, लाल चंदन और मसूर की दाल का उपयोग होता है। “भात पूजा” मंगल दोष के लिए सबसे खास मानी जाती है। इसमें भगवान का अभिषेक पके हुए चावल से किया जाता है।

पंडित जी मंगल देव के विशेष मंत्रों का जाप करते हैं। इससे कुंडली की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होने लगती है। मांगलिक दोष निवारण पूजा के दौरान दान देना भी बहुत जरूरी है। गरीबों को भोजन कराने या गुड़ और चने का दान करने से ग्रह शांत होते हैं। पूजा के बाद मन बहुत हल्का महसूस होता है।

पूजा में जरूरी सामग्री की सूची

मंगल दोष को कम करने के घरेलू उपाय

अगर आप तुरंत उज्जैन नहीं जा सकते, तो कुछ छोटे काम रोज करें। हर मंगलवार हनुमान चालीसा का पाठ करना रामबाण इलाज है। हनुमान जी मंगल ग्रह के स्वामी हैं। उनकी पूजा करने से मंगल का बुरा असर अपने आप कम होने लगता है। इससे घर में “सुख-शांति” बनी रहती है।

रोज करने वाले छोटे काम

  1. रोज सुबह उठकर अपने माता-पिता के पैर छुएं।
  2. बंदरों को गुड़ और भुने हुए चने खिलाएं।
  3. मंगलवार के दिन नमक का सेवन कम से कम करें।
  4. लाल रंग का रुमाल हमेशा अपनी जेब में रखें।
  5. “ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र का माला जाप करें।

मांगलिक दोष निवारण पूजा के बाद क्या करें?

पूजा खत्म होने के बाद कुछ नियमों का पालन करना “शुभ” होता है। कुछ दिनों तक सात्विक भोजन करें और किसी से झगड़ा न करें। मांगलिक दोष निवारण पूजा का असर तभी रहता है जब आप अपना आचरण अच्छा रखते हैं। अपने अंदर के गुस्से को काबू करना ही मंगल की असली जीत है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या मांगलिक व्यक्ति गैर-मांगलिक से शादी कर सकता है?
हाँ, मांगलिक दोष निवारण पूजा और सही मिलान के बाद ऐसी शादी सफल हो सकती है।

2. पूजा के लिए कौन सा शहर सबसे अच्छा है?
उज्जैन को मंगल की जन्मभूमि कहा जाता है, इसलिए वहां मांगलिक दोष निवारण पूजा सबसे अच्छी होती है।

3. भात पूजा क्या होती है?
इसमें शिवलिंग पर ठंडे चावल चढ़ाए जाते हैं ताकि मंगल की गर्मी शांत हो सके।

4. क्या मंगल दोष 28 साल बाद खत्म हो जाता है?
ऐसा माना जाता है कि 28 साल के बाद इसका असर थोड़ा कम हो जाता है।

5. पूजा में कितना समय लगता है?
आमतौर पर पूरी विधि संपन्न करने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है।

6. क्या महिलाएं यह पूजा खुद कर सकती हैं?
हाँ, कोई भी व्यक्ति पंडित जी की देखरेख में यह पूजा पूरी श्रद्धा से कर सकता है।

7. हनुमान जी की पूजा क्यों जरूरी है?
हनुमान जी मंगल देव के आराध्य हैं, उनकी पूजा से मंगल दोष का डर खत्म होता है।

8. क्या पूजा के बाद मंगल का असर पूरी तरह खत्म होगा?
सही विधि और विश्वास से करने पर नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं।

9. उज्जैन में पूजा के लिए किससे संपर्क करें?
आप Shreemahakaldoshpujan को +91 9893357123📞 पर कॉल करके सही मार्गदर्शन ले सकते हैं।

10.क्या पूजा के दिन व्रत रखना चाहिए?
हाँ, पूजा वाले दिन फलाहार करना या व्रत रखना बहुत ही उत्तम माना जाता है।

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